अमित शाह ने चंडीगढ़ को दी ₹258 करोड़ की सौगात, बोले- बनाएंगे नंबर-1 प्रशासनिक इकाई

चंडीगढ़, 1 नवंबर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने हरियाणा दिवस और चंडीगढ़ के 60 साल पूरे होने के अवसर पर शहर को विकास की बड़ी सौगात दी। उन्होंने रविवार को चंडीगढ़ में कुल 258 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चंडीगढ़ को देश की सबसे बेहतर प्रशासनिक इकाई बनाने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया, राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू, चंडीगढ़ के मेयर सौरभ जोशी सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
अमित शाह ने कहा कि चंडीगढ़ ने पिछले छह दशकों में सुनियोजित शहरी विकास के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। केंद्र सरकार का प्रयास है कि आने वाले समय में यह शहर विकास, आधुनिक सुविधाओं और सुशासन के मामले में देश के लिए मिसाल बने।
₹258 करोड़ की परियोजनाओं से शिक्षा, स्वास्थ्य और पुलिस व्यवस्था को मजबूती
गृह मंत्री ने बताया कि चंडीगढ़ प्रशासन की शिक्षा, स्वास्थ्य, न्याय, प्रशासन, अनुसंधान और नवाचार से संबंधित परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में 258 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया।
इनमें 68 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सीटीयू बस डिपो और पुलिस कर्मचारियों के लिए 68 करोड़ रुपये में निर्मित टाइप-3 आवासीय क्वार्टर प्रमुख हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। सरकार ने लक्ष्य निर्धारित किया है कि वर्ष 2029 से पहले चंडीगढ़ पुलिस आवासीय संतुष्टि के मामले में देश में पहला स्थान हासिल करे।
1984 के सिख विरोधी दंगों को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला

उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के उस बयान का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि बड़ा पेड़ गिरने पर धरती हिलती है। शाह ने कहा कि उस दौर में हुए अत्याचारों के पीड़ित परिवार आज भी न्याय और सम्मान की अपेक्षा रखते हैं।
गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि 1984 के दंगों की बरसी के दिन दिल्ली में कांग्रेस की रैली आयोजित करना पीड़ित परिवारों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम है। उनके मुताबिक, भाजपा और सिख समाज की ओर से कांग्रेस से इस तारीख को रैली नहीं करने की अपील की गई थी, लेकिन इसे नजरअंदाज किया गया।
उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक शैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी कथित मोहब्बत की दुकान के दावों और राजनीतिक व्यवहार में विरोधाभास दिखाई देता है।
1984 दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए मोदी सरकार के प्रयासों का किया जिक्र
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने 1984 के दंगों से जुड़े मामलों की दोबारा जांच की दिशा में कदम उठाए। उन्होंने दावा किया कि पीड़ित परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई और दंगों में शामिल रहे कांग्रेस के कुछ प्रमुख नेताओं को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि देश में राजनीतिक संरक्षण में हुए ऐसे अत्याचारों को दोबारा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राहुल गांधी और विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप
गृह मंत्री ने विपक्ष पर संसदीय व्यवस्था को प्रभावित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन विपक्ष संसद की कार्यवाही में बाधा डाल रहा है।
उन्होंने कहा कि चुनावों में लगातार हार के बाद विपक्ष ने विरोध प्रदर्शन और संसद में व्यवधान को अपनी राजनीति का हिस्सा बना लिया है। शाह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता राजनीतिक बयानबाजी और वास्तविक कामकाज के बीच अंतर समझती है।
उन्होंने दिल्ली के व्यापारियों की अपील का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि दीपावली के आसपास रैली आयोजित करने से कारोबार प्रभावित हो सकता था।
370 से लेकर नक्सलवाद तक, केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
अमित शाह ने केंद्र सरकार के कार्यकाल में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए अनुच्छेद 370 हटाने, तीन तलाक की प्रथा समाप्त करने और नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई को प्रमुख उपलब्धियां बताया।
उन्होंने कहा कि सरकार का अगला बड़ा लक्ष्य 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब समेत पूरे देश को नशामुक्त बनाना है। इसके लिए केंद्र सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है।
33 प्रतिशत महिला आरक्षण पर भी कांग्रेस को घेरा
महिला आरक्षण के मुद्दे पर अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का अधिकार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित कर इस दिशा में रुकावट पैदा करने का आरोप लगाया।
शाह ने कहा कि देश की माताओं और बहनों को राजनीति में अधिक भागीदारी मिलनी चाहिए और महिलाओं का सशक्तिकरण विकसित भारत के लक्ष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
11 लाख करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का किया उल्लेख
देश के विकास का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में बड़े स्तर पर काम हो रहा है। उनके अनुसार, देश में करीब 11 लाख करोड़ रुपये की इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं चल रही हैं।
उन्होंने गरीबों के लिए आवास, बिजली, शौचालय, बैंक खाते और मुफ्त खाद्यान्न जैसी सुविधाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
चंडीगढ़ के 60 साल: योजनाबद्ध शहर के रूप में बनी पहचान
अमित शाह ने कहा कि 1 नवंबर का दिन चंडीगढ़ के इतिहास में विशेष महत्व रखता है। इसी तारीख को वर्ष 1966 में हरियाणा का गठन हुआ था और चंडीगढ़ पुलिस की स्थापना भी हुई थी। उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ पुलिस को इसी दिन राष्ट्रपति का कलर सम्मान भी प्राप्त हुआ था।
उन्होंने कहा कि 1966 से 2026 तक चंडीगढ़ ने छह दशकों में आधुनिक और सुनियोजित शहर के रूप में अपनी पहचान मजबूत की है। उत्तर भारत के लोगों के लिए यह शहर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासनिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है।
विकास परियोजनाओं से चंडीगढ़ को क्या मिलेगा फायदा?
258 करोड़ रुपये की परियोजनाओं से शहर में सार्वजनिक परिवहन, पुलिस आवास और विभिन्न प्रशासनिक सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। सीटीयू बस डिपो के तैयार होने से परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी, जबकि पुलिसकर्मियों के लिए नए आवासीय क्वार्टर उपलब्ध होने से उनकी सुविधाओं में सुधार होगा।
सरकार का 2029 से पहले चंडीगढ़ पुलिस को आवासीय संतुष्टि के मामले में देश में शीर्ष स्थान पर पहुंचाने का लक्ष्य भी पुलिसकर्मियों के कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है








One Comment