Chandigarh

45 साल से बंद चंडीगढ़ की VIP रोड आखिर क्यों नहीं खुलती? PM मोदी के लिए हटे बैरिकेड, जानिए पूरा विवाद

Chandigarh VIP Road : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 जुलाई के चंडीगढ़ दौरे के दौरान एक बार फिर शहर की सबसे चर्चित VIP रोड चर्चा में आ गई है। करीब 45 वर्षों से आम लोगों के लिए बंद यह सड़क केवल राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और अन्य VVIP काफिलों के गुजरने के समय ही खोली जाती है। प्रधानमंत्री के दौरे के लिए भी नयागांव-चंडीगढ़ बैरियर के पास स्थित करीब 500 मीटर लंबा यह विशेष मार्ग सुरक्षा एजेंसियों ने अस्थायी रूप से खोल दिया।

यह सड़क वर्षों से कानूनी और प्रशासनिक विवाद का विषय बनी हुई है। एक ओर हजारों लोग इसे आम यातायात के लिए खोलने की मांग कर रहे हैं, वहीं सुरक्षा एजेंसियां इसे संवेदनशील बताते हुए बंद रखने के पक्ष में हैं।

कहां से कहां तक जाती है यह VIP रोड?

यह विशेष मार्ग नयागांव बैरियर से शुरू होकर पंजाब के मुख्यमंत्री आवास, हरियाणा मुख्यमंत्री आवास, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट, पंजाब एवं हरियाणा सिविल सचिवालय, सुखना लेक और पंजाब राजभवन तक पहुंचता है। राजेंद्र पार्क हेलीपैड से राजभवन और पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC) तक पहुंचने का यह सबसे छोटा और सुरक्षित मार्ग माना जाता है।

1980 से क्यों बंद है यह सड़क?

इस सड़क को वर्ष 1980 में पंजाब में आतंकवाद के दौर के दौरान सुरक्षा कारणों से आम जनता के लिए बंद कर दिया गया था। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यहां सामान्य वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी। तब से यह मार्ग केवल सुरक्षा बलों और VVIP मूवमेंट के लिए ही इस्तेमाल किया जाता है।

आम लोगों को क्या होती है परेशानी?

सड़क बंद होने का असर केवल 500 मीटर तक सीमित नहीं है। नयागांव और आसपास के लगभग 25 गांवों के हजारों लोगों, वकीलों, छात्रों और सरकारी कर्मचारियों को हाईकोर्ट, सचिवालय और सुखना लेक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है।

यदि यह सड़क खुल जाती है तो:

  • रोजाना यात्रा का समय कम होगा।
  • पेट्रोल-डीजल की बचत होगी।
  • सेक्टर-3, 4 और 9 के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक का दबाव घटेगा।
  • हाईकोर्ट और सचिवालय तक सीधी पहुंच मिल सकेगी।

हाईकोर्ट ने क्या कहा था?

सड़क खोलने की मांग को लेकर वर्ष 2014 में जनहित याचिका दायर की गई थी। करीब दस साल की सुनवाई के बाद 1 मई 2024 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को ट्रायल आधार पर सड़क खोलने का निर्देश दिया।

अदालत ने कहा था कि कार्यदिवसों में सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक आम लोगों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दी जाए और ट्रैफिक पुलिस आवश्यक व्यवस्था करे। अदालत ने माना था कि सड़क बंद रहने से हजारों लोगों को रोजाना अनावश्यक परेशानी उठानी पड़ती है।

फिर सुप्रीम कोर्ट में क्यों पहुंचा मामला?

हाईकोर्ट के आदेश के बाद पंजाब सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सरकार का तर्क था कि मुख्यमंत्री आवास के सामने आम ट्रैफिक शुरू करना सुरक्षा के लिहाज से बड़ा जोखिम हो सकता है।

इसके बाद 3 मई 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। तब से यह सड़क दोबारा आम लोगों के लिए बंद है और अंतिम फैसला अभी लंबित है।

PM मोदी के काफिले के लिए यही सड़क क्यों चुनी जाती है?

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सुरक्षा एजेंसियां हर VVIP दौरे से पहले कई वैकल्पिक मार्गों का आकलन करती हैं, लेकिन यह VIP रोड सबसे सुरक्षित और सुविधाजनक मानी जाती है। इसके प्रमुख कारण हैं:

  • राजेंद्र पार्क हेलीपैड से सबसे छोटा मार्ग।
  • मुख्यमंत्री आवास, राजभवन और हाईकोर्ट इसी रूट पर स्थित।
  • पूरे कॉरिडोर को कम समय में सैनिटाइज किया जा सकता है।
  • शहर में ट्रैफिक डायवर्जन कम करना पड़ता है।
  • VVIP काफिला कम समय में गंतव्य तक पहुंच जाता है।

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Author

  • अमर सिंह | 19 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव | Total TV एवं MH One News के पूर्व वीडियो जर्नलिस्ट | Hindxpress Media House के संस्थापक | Rashtr Khabar डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म के संस्थापक एवं एडिटर-इन-चीफ

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