चानौत पेयजल विवाद खत्म: मनोहर लाल की पहल पर 2 महीने बाद समाप्त हुआ धरना, नई पाइपलाइन कनेक्शन को मंजूरी

हिसार/हांसी। हांसी क्षेत्र के चानौत गांव में पिछले करीब दो महीनों से चल रहे पेयजल विवाद का आखिरकार समाधान निकल आया। केंद्रीय ऊर्जा, आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल की पहल पर गांव को मुख्य पेयजल पाइपलाइन से जोड़ने के लिए चार इंच की नई ‘टी’ लाइन (कनेक्शन) लगाने की स्वीकृति दे दी गई। इसके बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन और धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी।
हांसी स्थित पीडब्ल्यूडी विश्रामगृह में आयोजित बैठक में केंद्रीय मंत्री ने ग्रामीणों, धरना समिति के प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। बैठक में हरियाणा के लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा, राज्यसभा सांसद सुभाष बराला, विधायक विनोद भयाना, उपायुक्त राहुल नरवाल और पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार भी मौजूद रहे।
तकनीकी रिपोर्ट के बाद मिला समाधान
बैठक के दौरान बताया गया कि चानौत गांव की मांग मुख्य पेयजल पाइपलाइन से अतिरिक्त जलापूर्ति उपलब्ध कराने की थी। दूसरी ओर, पाइपलाइन से जुड़े कार्य राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण और निर्माण कार्य के कारण तकनीकी और प्रशासनिक अड़चनों में फंस गए थे।
सरकार ने इस मामले की तकनीकी जांच कराई, जिसमें यह स्पष्ट हुआ कि मुख्य पाइपलाइन की क्षमता पर्याप्त है और गांव को अतिरिक्त कनेक्शन देने से अन्य क्षेत्रों की जलापूर्ति पर कोई प्रतिकूल असर नहीं पड़ेगा। इसके आधार पर चार इंच की नई ‘टी’ लाइन लगाने का निर्णय लिया गया।
मौजूदा व्यवस्था में नहीं होगा कोई बदलाव
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि गांव की वर्तमान जलापूर्ति व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी। नई पाइपलाइन केवल अतिरिक्त और वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में काम करेगी। भविष्य में यदि पानी की मांग बढ़ती है या मौजूदा व्यवस्था पर्याप्त नहीं रहती, तो इसी नई लाइन के माध्यम से अतिरिक्त जलापूर्ति की जाएगी।
अधिकारियों को जल्द काम शुरू करने के निर्देश
मनोहर लाल ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना से जुड़ी औपचारिकताओं को जल्द पूरा कर तकनीकी बाधाओं को दूर किया जाए और नई पाइपलाइन का कार्य प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर गांव तक पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है।
ग्रामीणों ने भी सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि विभाग जल्द निर्माण कार्य शुरू करेगा और गांव को अतिरिक्त जलापूर्ति का लाभ मिलेगा। इसके बाद धरना समिति ने सर्वसम्मति से आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।






