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वैश्विक गैस संकट के बीच हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला: LPG की जगह PNG को बढ़ावा, विपक्ष से सहयोग की अपील

चंडीगढ़ | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंत्रिमंडल बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में कई अहम मुद्दों पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने वैश्विक स्तर पर गैस सप्लाई में आ रही दिक्कतों को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि मिडल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है, जिससे भारत भी अछूता नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने एलपीजी के विकल्प के रूप में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि राज्य में लगभग 5 लाख पीएनजी कनेक्शन हैं, लेकिन करीब 2 लाख उपभोक्ता इसका नियमित उपयोग नहीं कर रहे।

गैस संकट पर सरकार का प्लान

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मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए नागरिकों को एलपीजी पर निर्भरता कम करनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि पीएनजी के साथ-साथ सोलर चूल्हा और इलेक्ट्रिक उपकरणों को भी अपनाएं। सरकार ने गैस की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की बात कही है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाए।

विपक्ष पर निशाना, सहयोग की अपील

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि कोरोना काल में भी गलत जानकारी फैलाने का काम किया गया था। उन्होंने कहा कि इस बार वैश्विक संकट से निपटने के लिए राजनीति से ऊपर उठकर सहयोग की भावना से काम करना जरूरी है। साथ ही उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वे जनता को पीएनजी अपनाने के लिए जागरूक करें।

बी-फार्मा भर्ती और कर्मचारियों के लिए राहत

बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े एक महत्वपूर्ण निर्णय का भी ऐलान किया गया। बी-फार्मा पदों पर योग्य उम्मीदवारों की कमी को देखते हुए सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में 6 महीने के प्रशिक्षण की शर्त में ढील दी है, जिससे लंबे समय से खाली पदों को भरा जा सके। इसके अलावा, कर्मचारियों को ऋण देने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए एक बार फिर एजी (अकाउंटेंट जनरल) के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था बहाल की गई है।

पंजाब सरकार पर तीखा हमला

मुख्यमंत्री ने पंजाब की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वहां बुजुर्गों को पेंशन के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले किए गए वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं।

महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के वादे पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि अब तक न तो पंजीकरण शुरू हुआ है और न ही कोई राशि दी गई है। किसानों के मुद्दे पर भी उन्होंने कहा कि एमएसपी पर फसलों की खरीद सही तरीके से नहीं हो रही।

क्यों बढ़ा वैश्विक गैस संकट?

हाल के समय में मिडल ईस्ट क्षेत्र में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। यह क्षेत्र विश्व के प्रमुख गैस और तेल आपूर्ति केंद्रों में से एक है। आपूर्ति बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों और उपलब्धता पर असर पड़ा है, जिसका सीधा प्रभाव भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ा।

आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर

  • घरेलू गैस की कीमतों में अस्थिरता
  • एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता पर दबाव
  • वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की मांग में वृद्धि
  • पीएनजी कनेक्शन और इलेक्ट्रिक उपकरणों की ओर झुकाव
  • सरकार पर सब्सिडी और सप्लाई मैनेजमेंट का दबाव

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  • अमर सिंह पिछले 19 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने टोटल टीवी और MH One News सहित कई प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में वीडियो जर्नलिस्ट के रूप में कार्य किया है।

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