बिंदी-तिलक विवाद के बीच शेयर बाजार में क्यों टूटा Lenskart?


Lenskart Share Price : आईवियर कंपनी Lenskart इन दिनों विवादों के कारण सुर्खियों में है। सोमवार को कंपनी के शेयरों में लगभग 5% की गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। बाजार में यह गिरावट ऐसे समय आई है, जब कंपनी की ड्रेस कोड पॉलिसी को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी बहस चल रही है।
शुक्रवार को जहां शेयर 534 रुपये के आसपास बंद हुआ था, वहीं सोमवार को यह गिरकर करीब 508 रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
क्या है विवाद की जड़?
दरअसल, हाल ही में कंपनी का एक पुराना आंतरिक दस्तावेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस कथित गाइडलाइन में कर्मचारियों के लिए कुछ ग्रूमिंग नियम बताए गए थे, जिनमें धार्मिक प्रतीकों को लेकर पाबंदियों की बात सामने आई।
आरोप लगाए गए कि कर्मचारियों को बिंदी, तिलक या अन्य धार्मिक पहचान से जुड़े चिन्ह पहनने से रोका गया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर कंपनी के खिलाफ विरोध शुरू हो गया और कुछ यूजर्स ने बहिष्कार की मांग भी उठाई।
CEO पीयूष बंसल की सफाई
विवाद बढ़ने के बाद कंपनी के सह-संस्थापक और CEO पीयूष बंसल ने सामने आकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि वायरल हो रहा दस्तावेज मौजूदा पॉलिसी का हिस्सा नहीं है, बल्कि एक पुराना और अप्रासंगिक वर्जन है।
उन्होंने यह भी साफ किया कि कंपनी किसी भी कर्मचारी को उसकी आस्था के प्रतीकों जैसे तिलक या बिंदी पहनने से नहीं रोकती। साथ ही, उन्होंने इस मुद्दे से आहत लोगों से माफी भी मांगी और भरोसा दिलाया कि कंपनी सभी धर्मों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करती है।
कंपनी का नया स्टाइल गाइड और माफीनामा
विवाद को शांत करने के लिए कंपनी ने नया इन-स्टोर स्टाइल गाइड जारी किया है। इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि कर्मचारी अपनी व्यक्तिगत आस्था के अनुसार धार्मिक प्रतीक पहन सकते हैं, जिनमें बिंदी, तिलक, सिंदूर, कड़ा, हिजाब और पगड़ी शामिल हैं।
कंपनी ने अपने बयान में कहा कि यदि किसी पुराने नियम या संचार से कर्मचारियों की भावनाएं आहत हुई हैं, तो इसके लिए वह खेद प्रकट करती है।
IPO के बाद शेयर का प्रदर्शन
गौरतलब है कि Lenskart Solutions Ltd का आईपीओ पिछले साल काफी चर्चा में रहा था। निवेशकों ने इसमें जबरदस्त रुचि दिखाई थी और यह कई गुना सब्सक्राइब हुआ था। हालांकि, लिस्टिंग के समय शेयर डिस्काउंट पर खुला, लेकिन बाद में इसमें सुधार भी देखा गया। इसके बावजूद, हालिया विवाद के चलते शेयर में फिर से दबाव नजर आ रहा है।
कॉर्पोरेट पॉलिसी बनाम सांस्कृतिक संवेदनशीलता
भारत जैसे विविधता वाले देश में कंपनियों के लिए ड्रेस कोड और व्यक्तिगत आस्था के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण होता है। कई कंपनियां प्रोफेशनल यूनिफॉर्म बनाए रखने के लिए नियम बनाती हैं, लेकिन जब ये नियम धार्मिक पहचान से टकराते हैं, तो विवाद की स्थिति पैदा हो जाती है।
Disclaimer:
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से है। इसमें दिए गए विचार बाजार विश्लेषण पर आधारित हैं। निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।
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