SGPC सराय विवाद पर AAP का हमला, बलतेज पन्नू ने धामी से पूछे सवाल; बोले- ‘15 दिन की जांच से खत्म नहीं होंगे सवाल’

चंडीगढ़, 25 सितंबर 2026: श्री आनंदपुर साहिब स्थित SGPC की सराय से जुड़े विवाद को लेकर पंजाब की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेताओं पर सवाल उठाते हुए मामले में पारदर्शी जांच की मांग की है।
पन्नू की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने विवाद से जुड़े मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है। SGPC के अनुसार समिति को सभी पहलुओं की जांच कर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट देने को कहा गया है। समिति में बलदेव सिंह कैमपुर, गुरमीत सिंह बू्ह, गुरबख्श सिंह खालसा और गुरिंदर कौर भोलूवाला शामिल हैं, जबकि SGPC सचिव बलविंदर सिंह कहलवां को समन्वयक बनाया गया है।
‘15 दिन का समय देने का मकसद क्या?’
बलतेज पन्नू ने कहा कि चार सदस्यीय कमेटी को 15 दिन का समय दिए जाने से कई सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने पूछा कि क्या इतने समय में विवाद को ठंडा करने की कोशिश की जा रही है और क्या SGPC को उम्मीद है कि लोग कुछ दिनों बाद इस मामले को भूल जाएंगे।
हालांकि, SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा है कि समिति का उद्देश्य मामले के सभी पहलुओं की जांच करना और जांच पूरी होने के बाद सिख संगत के सामने तथ्यों को रखना है। धामी ने यह भी कहा कि SGPC पहले से विभागीय जांच कर रही थी।
जांच कमेटी की संरचना पर भी सवाल
AAP नेता ने सवाल उठाया कि जिन लोगों पर इस मामले को लेकर सार्वजनिक तौर पर सवाल उठ रहे हैं, उनके संदर्भ में SGPC की अपनी सदस्यीय समिति कितनी स्वतंत्र जांच कर पाएगी।
पन्नू ने सुझाव दिया कि यदि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी थी तो किसी सेवानिवृत्त सिख जज या अनुभवी सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया जा सकता था। उन्होंने समिति के सदस्यों की कानूनी और जांच संबंधी विशेषज्ञता पर भी सवाल उठाए।
महिला के सराय में ठहरने को लेकर जवाब की मांग
विवाद का एक प्रमुख बिंदु श्री आनंदपुर साहिब की SGPC संचालित सराय में महिला के लंबे समय तक ठहरने से जुड़ा है। पन्नू ने सवाल किया कि महिला वहां कैसे पहुंची, उसके ठहरने की व्यवस्था किसने की और इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी SGPC के संबंधित अधिकारियों को कब और कैसे हुई।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, महिला के सराय में रहने और वहां कथित तौर पर विशेष सुविधाएं मिलने को लेकर भी सवाल उठे हैं। SGPC अध्यक्ष धामी ने सार्वजनिक बयान में कहा था कि उन्हें महिला के वहां आने या उसे वहां कौन लेकर आया, इसकी जानकारी नहीं थी और महिला ने उनसे कथित अनैतिक आचरण को लेकर कोई शिकायत नहीं की थी।
चावला की इस्तीफे की स्वीकृति, मलकीत सिंह की सेवाएं समाप्त
इस विवाद के बीच SGPC ने अमरजीत सिंह चावला का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। वहीं, श्री अकाल तख्त साहिब के फैसले के बाद अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी मलकीत सिंह की सेवाएं भी समाप्त कर दी गई हैं। मामले से जुड़े दोनों व्यक्तियों के खिलाफ श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से धार्मिक कार्रवाई किए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है।
बादल परिवार और विपक्षी दलों पर भी पन्नू के सवाल
बलतेज पन्नू ने सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया समेत अकाली दल के नेताओं की कथित चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस नेताओं प्रताप सिंह बाजवा और अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग तथा भाजपा नेताओं से भी इस मुद्दे पर अपना पक्ष सार्वजनिक करने की मांग की।
पन्नू ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दल दूसरे मुद्दों पर मुखर रहते हैं, लेकिन इस विवाद को लेकर उनकी सार्वजनिक प्रतिक्रिया सीमित रही है। ये आरोप AAP नेता की राजनीतिक प्रतिक्रिया हैं और संबंधित नेताओं की चुप्पी को लेकर स्वतंत्र रूप से कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
SGPC की जांच पर अब निगाहें
SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने कहा है कि समिति मामले के सभी पहलुओं की जांच करेगी और रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर सवालों के जवाब दिए जाएंगे। उन्होंने पुलिस जांच को भी निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ाने की बात कही है।







