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संचार साथी ऐप पर बड़ा बयान! “अनिवार्य नहीं, चाहें तो डिलीट कर दें” — ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दूर की सभी गलतफहमियाँ

Sanchar Sathi : संचार साथी ऐप को लेकर जारी बहस के बीच केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कर दिया कि यह ऐप अनिवार्य नहीं है और उपयोगकर्ता चाहें तो इसे अपने मोबाइल से डिलीट भी कर सकते हैं। ऐसा पहली बार है जब केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री ने इस मुद्दे पर स्पष्ट रूप से कहा है कि यूज़र की मर्जी सर्वोपरि है।

“सरकार का उद्देश्य सुरक्षा है, निगरानी नहीं” — सिंधिया

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में संचार सुविधाएं जितनी तेजी से बढ़ी हैं, उतनी ही तेजी से साइबर फ्रॉड, फर्जी कनेक्शन और मोबाइल चोरी के मामले भी बढ़े हैं। सिंधिया ने कहा: “संचार साथी ऐप (Sanchar Sathi)  का लक्ष्य आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह कोई अनिवार्य ऐप नहीं है। यूज़र इसे पंजीकृत कर उपयोग करना चाहें तो कर सकते हैं, और चाहें तो इसे आसानी से डिलीट भी कर सकते हैं।”

ऐप की मदद से 1.75 करोड़ फर्जी मोबाइल कनेक्शन रद्द

केंद्रीय मंत्री ने ऐप (Sanchar Sathi) के नतीजों को साझा करते हुए बताया कि इसके माध्यम से 1.75 करोड़ फर्जी मोबाइल कनेक्शन रद्द किये गए,7.5 लाख चोरी हुए मोबाइल फोन ग्राहकों को लौटाए गए,21 लाख संदिग्ध मोबाइल कनेक्शन बंद किए गए,सरकार का कहना है कि यह परिणाम जनता की सहभागिता से संभव हुए हैं।

संचार साथी का उपयोग पूरी तरह उपभोक्ता की इच्छा पर निर्भर

सिंधिया ने स्पष्ट किया “यह ऐप (Sanchar Sathi)  पूरी तरह इस्तेमाल करने या न करने का फैसला उपभोक्ता का है। कोई बाध्यता नहीं है। यह निगरानी के लिए नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिए बनाया गया है।” यह बयान तब आया जब 28 नवंबर को जारी दिशा-निर्देशों में कहा गया था कि सभी नए डिवाइस में यह ऐप प्री-इंस्टॉल होगा और यूज़र को सेटअप के समय आसानी से दिखेगा — जिससे विपक्ष ने इसे निजता को लेकर खतरा बताया था।

निर्देशों में क्या कहा गया था?

  • नए मोबाइल हैंडसेट में  (Sanchar Sathi) ऐप प्री-इंस्टॉल रहेगा
  • पहली बार सेटअप के समय ऐप दिखाई और उपलब्ध रहे
  • इसकी कार्यक्षमता को निर्माता सीमित नहीं कर सकते
  • उपभोक्ता को इसे पूरी तरह इस्तेमाल करने की स्वतंत्रता होगी
  • लेकिन अब सरकार ने स्पष्ट किया कि यूज़र चाहें तो इसे तुरंत (Sanchar Sathi) uninstall भी कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें : क्या आपकी फोन की जासूसी होगी? ‘संचार साथी’ ऐप को अनिवार्य करने पर मचा बवाल — जानिए सरकार और विपक्ष की पूरी लड़ाई!

Author

  • अमर सिंह | 19 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव | Total TV एवं MH One News के पूर्व वीडियो जर्नलिस्ट | Hindxpress Media House के संस्थापक | Rashtr Khabar डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म के संस्थापक एवं एडिटर-इन-चीफ

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