
Gold Loan Scam India : दिल्ली में लंबे समय से सुनियोजित तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाली एक शातिर महिला आरोपी को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। 45 वर्षीय इस महिला ने चोरी के गहनों को बैंक में गिरवी रखकर लोन लेने का ऐसा नेटवर्क तैयार किया था, जिससे उस पर शक करना मुश्किल हो गया था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने घर को “सुरक्षित किला” बनाने के लिए खतरनाक नस्ल के कुत्ते—पिटबुल, अमेरिकन बुली और अन्य हाइब्रिड डॉग्स—पाल रखे थे, ताकि कोई अंदर घुसने की हिम्मत न कर सके।
कुत्तों के सहारे बनाया सुरक्षा घेरा
जांच में सामने आया कि आरोपी ने जानबूझकर ऐसे आक्रामक कुत्ते पाले थे, जिससे पुलिस या आम लोग उसके घर तक पहुंचने से डरें। इस वजह से उसके खिलाफ कार्रवाई करना भी चुनौतीपूर्ण बन गया था।
हाई-ड्रामा के बाद रजाई में मिली आरोपी
छापेमारी के दौरान पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। अंततः जब टीम घर के अंदर पहुंची, तो आरोपी ने खुद को छिपाने के लिए रजाई का सहारा लिया। लेकिन पुलिस ने तलाशी के दौरान उसे ढूंढ निकाला और गिरफ्तार कर लिया।
चोरी के गहनों से लिया 5 लाख का लोन
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी चोरी के सोने के गहनों को विभिन्न बैंकों में गिरवी रखकर लोन लेती थी। अब तक करीब 15 गोल्ड लोन अकाउंट सामने आए हैं, जिनके जरिए उसने लाखों रुपये जुटाए।
जांच के दौरान—
करीब 1 लाख रुपये नकद बरामद किए गए
विभिन्न वित्तीय संस्थानों में करीब 2 किलो सोना ट्रेस किया गया
इनमें मुथूट फिनकॉर्प, मुथूट फाइनेंस और फेडरल बैंक शामिल हैं।
ऐसे शुरू हुई जांच
मामले की शुरुआत 19 अप्रैल 2026 को शालीमार बाग में एक घर से गहने और नकदी चोरी की शिकायत से हुई। शिकायतकर्ता विजय पाल गुप्ता की सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी निगरानी (टेक्निकल सर्विलांस) के जरिए पुलिस आरोपी तक पहुंची। उसकी चालाकी और सुरक्षा इंतजामों के कारण यह केस पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण बन गया था।
चोरी का नेटवर्क और आगे की जांच
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अलग-अलग फाइनेंशियल संस्थानों में गहने गिरवी रखकर लोन लेती थी, जिससे एक बड़ा वित्तीय नेटवर्क सामने आया है। पुलिस अब उसके संभावित साथियों की भी तलाश कर रही है।






