PCS मेन्स विवाद: PPSC की सफाई पर भाजपा का सवाल, केवल सिंह ढिल्लों बोले- खुद को क्लीन चिट देना दिखावा

चंडीगढ़, 6 नवंबर। पंजाब लोक सेवा आयोग (PPSC) की PCS मेन्स परीक्षा के परिणामों को लेकर जारी विवाद के बीच पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आयोग की सफाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने PPSC के स्पष्टीकरण को खुद को क्लीन चिट देने की कोशिश बताते हुए कहा कि गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से होनी चाहिए।
PPSC चेयरमैन की ओर से अनियमितताओं के आरोपों को आंकड़ों की गलत व्याख्या बताकर खारिज किए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए ढिल्लों ने कहा कि जिस संस्था पर सवाल उठ रहे हों, उसका खुद ही जांच करके अपने आप को निर्दोष घोषित करना उचित नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि एक ही परीक्षा केंद्र के एक ही हॉल से 10 से 11 उम्मीदवारों का सफल होना और लगातार रोल नंबर वाले उम्मीदवारों के समूहों का परीक्षा में चयनित होना संदेह पैदा करता है। भाजपा अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि यदि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी थी, तो स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कराने में परेशानी क्यों होनी चाहिए?
फार्मेसी अधिकारियों की भर्ती का मामला भी उठाया
PCS परीक्षा विवाद को राज्य की दूसरी भर्ती प्रक्रियाओं से जोड़ते हुए ढिल्लों ने फार्मेसी अधिकारियों की भर्ती परीक्षा का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस परीक्षा में हाईटेक नकल के उपकरणों, छिपे हुए पेन कैमरों और रियल टाइम डिक्टेशन के जरिए नकल कराने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ था।
ढिल्लों के मुताबिक, इस मामले में कई गिरफ्तारियां हुई थीं और बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को भी हस्तक्षेप करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि PCS मेन्स परीक्षा को लेकर उठ रहे सवालों ने पंजाब में सरकारी भर्तियों की पारदर्शिता पर फिर से बहस छेड़ दी है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लगातार सामने आ रहे भर्ती विवादों से मेहनती और योग्य युवाओं का भरोसा प्रभावित हो रहा है।
भाजपा की तीन प्रमुख मांगें
केवल सिंह ढिल्लों ने विवादित PCS मेन्स चयन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच पूरी होने तक निर्धारित इंटरव्यू तत्काल स्थगित करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने निम्न मांगें रखीं:
- CBI जांच: PCS मेन्स परीक्षा में कथित अनियमितताओं और फार्मेसी अधिकारियों की भर्ती सहित अन्य भर्ती विवादों की जांच CBI को सौंपी जाए।
- हाईकोर्ट की निगरानी: जांच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की सीधी निगरानी में करवाई जाए।
- फॉरेंसिक ऑडिट: सभी परीक्षा केंद्रों की CCTV फुटेज, बायोमेट्रिक उपस्थिति का रिकॉर्ड, निरीक्षकों की ड्यूटी और बैठने से संबंधित जानकारी तथा मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाओं का स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट कराया जाए।
आंदोलन की चेतावनी
ढिल्लों ने कहा कि भाजपा पंजाब के युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने विवादित भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं की, तो पार्टी प्रभावित उम्मीदवारों के साथ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगी।
फिलहाल PCS मेन्स परीक्षा को लेकर भाजपा के आरोपों और PPSC की सफाई के बीच विवाद जारी है। इस मामले में निष्पक्ष जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक जवाब से ही उठ रहे सवालों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







