Hospital on Wheels. अब आपके घर पहुंचेगा अस्पताल, हरियाणा में हुई ‘हॉस्पिटल ऑन व्हील्स’ की शुरूआत

Hospital on Wheels. Haryana के उद्योगों में काम करने वाले मजदूरों के लिए अच्छी खबर है। समय पर इलाज नहीं मिल पाने के कारण गंभीर बीमारियों से ग्रसित होने वाले मरीजों का अब उनके घर पर ही इलाज हो पाएगा। इसके लिए नववर्ष के मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री Krishan Pal Gurjar ने फरीदाबाद में सेक्टर-28 स्थित अपने कार्यालय परिसर से “हॉस्पिटल ऑन व्हील्स” दो अत्याधुनिक चिकित्सा बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि हॉस्पिटल ऑन व्हील्स के माध्यम से उन क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी, जहां अस्पतालों की पहुंच सीमित है। इन बसों में प्राथमिक उपचार, जांच सुविधाएं तथा आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध होंगे, जिससे आम नागरिकों को घर के नजदीक स्वास्थ्य लाभ मिल सकेगा। यह हरियाणा का पहला “हॉस्पिटल ऑन व्हील्स” है, जो पूरी तरह आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित है। यह मोबाइल मेडिकल वैन एक चलते-फिरते अस्पताल के रूप में कार्य करेगी।

केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने कहा कि इस वैन में एयर कंडीशनिंग, जनरेटर, एक्स-रे मशीन, लैब टेस्टिंग की सुविधा, ब्लड टेस्ट, ईएनटी जांच सहित दर्जनों प्रकार की आवश्यक चिकित्सीय जांच की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस अत्याधुनिक वैन के माध्यम से मजदूरों को एक ही स्थान पर सभी जरूरी स्वास्थ्य जांच और प्राथमिक चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जाएंगी। उन्होंने बताया कि इस पहल का सबसे बड़ा लाभ उन श्रमिकों को मिलेगा, जो दिन-रात औद्योगिक इकाइयों में कड़ी मेहनत करते हैं और समय के अभाव में अस्पताल जाकर नियमित स्वास्थ्य जांच नहीं करा पाते। अब अस्पताल स्वयं मजदूरों के पास पहुंचेगा। यह मोबाइल मेडिकल वैन उद्योगों में जाकर वहीं पर श्रमिकों की जांच करेगी और उन्हें समय पर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
OPS : हरियाणा में इन कर्मचारियों को मिलेगा OPS का लाभ, कैबिनेट की मीटिंग में हुआ फैसला
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने देश के नागरिकों, विशेषकर गरीब, मजदूर और वंचित वर्ग के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसी सोच के साथ देश की सबसे बड़ी बुनियादी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को लागू किया गया, जिसके तहत आज देश के लगभग 70 करोड़ नागरिक हर वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्राप्त कर रहे हैं। यह योजना न केवल इलाज का खर्च उठाती है, बल्कि गरीब परिवारों को गंभीर बीमारियों के समय आर्थिक संकट से भी बचाती है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयों की उपलब्धता भी इसका अहम हिस्सा है।






