Punjab

पंजाब में ईडी कार्रवाई से सियासी भूचाल, मंत्री संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी पर गरमाई राजनीति

चंडीगढ़, 10 मई 2026: पंजाब की राजनीति में शनिवार को उस समय हलचल तेज हो गई जब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राज्य सरकार के मंत्री Sanjeev Arora को कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। ईडी की कार्रवाई के बाद राज्यभर में राजनीतिक बयानबाजी और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। आम आदमी पार्टी ने इसे “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” बताया है, जबकि जांच एजेंसी वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर आरोपों की जांच में जुटी है।

सुबह छापा, शाम को गिरफ्तारी

जानकारी के अनुसार, ईडी की टीम शनिवार सुबह चंडीगढ़ स्थित मंत्री के सरकारी आवास पहुंची। करीब दस घंटे तक चली पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद एजेंसी ने संजीव अरोड़ा को हिरासत में लिया। इसके बाद उन्हें दिल्ली ले जाया गया, जहां देर रात गुरुग्राम की विशेष अदालत में पेश किया गया।

अदालत ने ईडी को सात दिन की रिमांड मंजूर करते हुए मामले की अगली सुनवाई 16 मई तय की है। जांच एजेंसी ने कोर्ट से लंबी हिरासत की मांग की थी, ताकि वित्तीय लेनदेन और कथित शेल कंपनियों से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच की जा सके।

पंजाब में AAP का प्रदर्शन, भाजपा कार्यालयों का घेराव

गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने कई जिलों में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। लुधियाना, जालंधर और अन्य शहरों में भाजपा कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन हुए। कुछ जगहों पर भाजपा और AAP समर्थकों के बीच तीखी बहस और धक्कामुक्की की घटनाएं भी सामने आईं।

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और प्रधानमंत्री का पुतला फूंककर विरोध दर्ज कराया। स्थिति को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी।

केजरीवाल का आरोप— “जांच एजेंसियों का राजनीतिक इस्तेमाल”

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने इस कार्रवाई को विपक्ष को दबाने की कोशिश बताया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।

पार्टी नेताओं का दावा है कि पंजाब में बढ़ते राजनीतिक प्रभाव को रोकने के लिए यह कार्रवाई की गई है। वहीं विपक्षी दलों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में जांच होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है।

अदालत में बचाव पक्ष ने उठाए सवाल

संजीव अरोड़ा की ओर से पेश वकील ने अदालत में कहा कि एजेंसी ने बेहद कम समय में कार्रवाई करते हुए जल्दबाजी में गिरफ्तारी की है। बचाव पक्ष का दावा है कि पहले हुई छापेमारी में कोई बड़ी बरामदगी नहीं हुई थी और जांच एजेंसी के पास फिलहाल पर्याप्त सबूत नहीं हैं।

वकील ने अदालत को बताया कि मामला कुछ दिन पहले दर्ज हुआ था और उसके तुरंत बाद गिरफ्तारी कर ली गई। उन्होंने यह भी कहा कि जांच के दौरान केवल कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए थे।

फर्जी एक्सपोर्ट और GST घोटाले के आरोप

ईडी के अनुसार, मंत्री और उनसे जुड़ी कंपनियों पर करोड़ों रुपये के कथित फर्जी व्यापारिक लेनदेन का आरोप है। जांच एजेंसी का दावा है कि मोबाइल कारोबार और निर्यात से जुड़े कई ट्रांजैक्शन संदिग्ध पाए गए हैं।

एजेंसी का कहना है कि शेल कंपनियों के जरिए फर्जी एक्सपोर्ट दिखाकर टैक्स लाभ लिया गया और विदेशी लेनदेन के माध्यम से धन को भारत वापस लाने की कोशिश की गई। जांच में GST इनपुट टैक्स क्रेडिट और एक्सपोर्ट रिफंड से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की जा रही है।

Author

  • Rashtr Khabar

    A passionate and truth-driven news reporter with a keen eye for detail and a commitment to ethical journalism. I specialize in delivering accurate, timely, and engaging news that informs the public and strengthens trust in media.

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