“दगा करे वो किसी से तो शर्म आए मुझे…” — हरियाणा के नए DGP ओपी सिंह का भावनात्मक पत्र वायरल

हरियाणा पुलिस के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) ओपी सिंह ने पदभार संभालते ही जो पहला संदेश राज्य के पुलिस बल को भेजा, वह अब सिर्फ एक प्रशासनिक निर्देश नहीं, बल्कि एक भावनात्मक दस्तावेज बन गया है।
इस पत्र की शुरुआत मशहूर शायर कतील शिफाई के शेर से होती है —वो मेरा दोस्त है… दगा करे वो किसी से तो शर्म आए मुझे।”
यह पंक्ति अब सोशल मीडिया पर वायरल है और पुलिसकर्मियों से लेकर आम नागरिकों तक को भीतर तक झकझोर रही है।

कर्तव्यनिष्ठा से परे, आत्मचिंतन की बात
ओपी सिंह ने अपने इस ऐतिहासिक पत्र में केवल कानून और व्यवस्था की बात नहीं की, बल्कि उन्होंने पुलिस बल को आत्मचिंतन, मानवीय मूल्यों और संवेदनशीलता का दर्पण दिखाया। उन्होंने लिखा-“पुलिस की वर्दी केवल अधिकार नहीं, जनता के विश्वास की ज़िम्मेदारी है।”
DGP का विजन: ‘विश्वास, प्रेरणा और जिम्मेदारी’
DGP ओपी सिंह ने पुलिसकर्मियों को याद दिलाया कि:
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पुलिस का कर्तव्य केवल अपराध रोकना नहीं, बल्कि समाज को न्यायपूर्ण, सुरक्षित और समरस बनाना है।
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उन्होंने गांधीवादी विचार को दोहराते हुए कहा-शेर और बकरी एक ही घाट पर पानी पी सकें – यही लोकतंत्र की असली कसौटी है।
“हिंसा और छल प्रकृति में हैं, लेकिन पुलिस को बनाना है समाज को सभ्य”
DGP सिंह ने लिखा कि कानून की रक्षा करने वालों को संवेदनशीलता और संतुलन के साथ कार्य करना होगा।
उनका मानना है कि पुलिस अगर केवल शक्ति का प्रयोग करे, तो डर पैदा होता है। लेकिन जब पुलिस नैतिकता, संयम और समझदारी के साथ काम करे, तो विश्वास की नींव मजबूत होती है।
शहीदों को किया नमन — 84 वीरों की स्मृति में झुका सिर
पत्र में उन्होंने हरियाणा पुलिस के 84 शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लिखा- उनका बलिदान सिर्फ इतिहास नहीं, हमारी प्रेरणा है।
उन्होंने ज़ोर दिया कि इन वीरों के सपनों का भारत बनाने की ज़िम्मेदारी आज जीवित पुलिस बल की है।






