Haryana News

हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू, 2 मार्च को पेश होगा राज्य का आम बजट

चंडीगढ़। हरियाणा की राजनीति और प्रशासनिक दिशा तय करने वाला विधानसभा का बजट सत्र आज से प्रारंभ हो रहा है। यह सत्र 20 फरवरी से 18 मार्च तक चलेगा और इसे एकल बैठक (सिंगल सिटिंग) प्रणाली के तहत आयोजित किया जाएगा। कार्य सलाहकार समिति (बीएसी) की बैठक में सत्र की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया, जिसकी रिपोर्ट सदन में पेश कर अनुमोदन लिया जाएगा।

सत्र की प्रमुख तिथियां और कार्यक्रम

20 फरवरी: सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण के साथ सुबह 11 बजे होगी। पहले दिन दिवंगत हस्तियों के सम्मान में शोक प्रस्ताव भी पढ़े जाएंगे।

  • 21 और 22 फरवरी: अवकाश रहेगा।
  • 23 फरवरी: सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे से शुरू होगी।
  • 24 से 27 फरवरी: बैठकें सुबह 11 बजे आरंभ होंगी।
  • 27 फरवरी: राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के बाद मुख्यमंत्री जवाब देंगे।
  • 2 मार्च: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी वित्त मंत्री के रूप में वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करेंगे।
  • 17 मार्च: बजट अनुमान (Budget Estimates) पर मतदान होगा।

सत्र के दौरान प्रश्नकाल और शून्यकाल भी निर्धारित किए गए हैं, जिससे जनहित के मुद्दों पर चर्चा का अवसर मिलेगा।

बीएसी बैठक में ये रहे प्रमुख चेहरे

विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, संसदीय कार्य मंत्री महिपाल ढांडा, मंत्री कृष्ण कुमार बेदी, नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, विधायक गीता भुक्कल, विधानसभा उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्‌ढा, विधायक सावित्री जिंदल और अर्जुन चौटाला मौजूद रहे।

 

क्यों अहम है यह बजट सत्र?

हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र राज्य की आर्थिक प्राथमिकताओं और विकास योजनाओं की दिशा तय करता है। इस बार सरकार पर रोजगार, कृषि, उद्योग, बुनियादी ढांचे और सामाजिक कल्याण योजनाओं को लेकर बड़ी घोषणाएं करने का दबाव है। साथ ही विपक्ष द्वारा विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी भी की जा रही है।

राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार की आगामी नीतियों और उपलब्धियों की रूपरेखा सामने आएगी, जबकि बजट पेश होने के बाद कई दिनों तक उस पर विस्तार से चर्चा होगी।

आम जनता पर क्या होगा असर?

  • बजट में नई योजनाओं की घोषणा से युवाओं और किसानों को राहत मिल सकती है।
  • सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं के लिए अतिरिक्त प्रावधान की संभावना है।
  • औद्योगिक निवेश और बुनियादी ढांचे के लिए आवंटन बढ़ने पर रोजगार के अवसर सृजित हो सकते हैं।
  • बजट अनुमान पर 17 मार्च को होने वाली वोटिंग से वित्तीय वर्ष की नीतिगत दिशा स्पष्ट होगी।

यह बजट सत्र हरियाणा की आर्थिक और राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा। अब निगाहें 2 मार्च पर टिकी हैं, जब मुख्यमंत्री राज्य की वित्तीय रूपरेखा सदन के पटल पर रखेंगे।

Author

  • अमर सिंह | 19 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव | Total TV एवं MH One News के पूर्व वीडियो जर्नलिस्ट | Hindxpress Media House के संस्थापक | Rashtr Khabar डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म के संस्थापक एवं एडिटर-इन-चीफ

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
🔴 LIVE
Facebook Page