मोहाली से CM भगवंत मान का बड़ा संदेश: ‘युवा नौकरी मांगने वाले नहीं, देने वाले बनें’

मोहाली : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का संदेश देते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि वे नौकरी ढूंढने के बजाय रोजगार पैदा करने वाले बनें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।
युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का आह्वान
मोहाली के सेनेटा गांव में आयोजित ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ऐसा माहौल तैयार किया जा रहा है, जिससे युवाओं को रोजगार के लिए विदेश जाने की मजबूरी न रहे। उन्होंने कहा कि सरकार स्थानीय स्तर पर ही रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा कर रही है।
पिछली सरकारों पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री ने शिरोमणि अकाली दल और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व सरकारें हमेशा खजाना खाली होने का बहाना बनाती थीं, जबकि मौजूदा सरकार ने कभी ऐसा दावा नहीं किया। उन्होंने कहा कि मौजूदा शासन की सफलता का कारण साफ नीयत और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति है।
‘वादों से ज्यादा काम’ का दावा
भगवंत मान ने कहा कि उनकी सरकार ने चार वर्षों में न केवल अपने चुनावी वादे पूरे किए, बल्कि उससे भी अधिक काम करके दिखाया है। उनका कहना था कि सिस्टम पहले भी मौजूद था, लेकिन पहले की सरकारों में उसे सही तरीके से लागू करने की इच्छाशक्ति नहीं थी।
विपक्ष पर आरोप
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि उनके खिलाफ कोई ठोस मुद्दा न होने के कारण वे व्यक्तिगत आरोपों का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक हताशा का संकेत बताया और कहा कि सरकार जनता के विकास के लिए लगातार काम कर रही है।
दल-बदल कानून पर सख्ती की मांग
मुख्यमंत्री ने बताया कि वे 5 मई को भारत के राष्ट्रपति से मुलाकात कर दल-बदल के खिलाफ सख्त कानून की मांग करेंगे। उनका कहना है कि बार-बार पार्टी बदलना जनता के जनादेश का अपमान है और इसे रोकना जरूरी है।
विकास और योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री ने सरकार की प्रमुख उपलब्धियां गिनाते हुए बताया:
✔️ किसानों को धान सीजन में 8 घंटे से अधिक बिजली सप्लाई
✔️ 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली, 90% उपभोक्ताओं को जीरो बिल
✔️ 65,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां
✔️ 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज योजना
शिक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी दूर करने का सबसे बड़ा माध्यम शिक्षा है। उन्होंने डॉ. बी.आर. अंबेडकर के विचारों का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज को आगे बढ़ाने की कुंजी है।






