International Meditation Day: विश्वास फाउंडेशन ने पाली में तीन दिवसीय मैडिटेशन रिट्रीट से फैलाया शांति का संदेश


International Meditation Day : अंतर्राष्ट्रीय ध्यान दिवस के अवसर पर विश्वास फाउंडेशन (Vishwas Foundation) द्वारा राजस्थान के पालीवाल धाम, पाली में तीन दिवसीय विश्वास मैडिटेशन रिट्रीट का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन गुरुदेव श्री स्वामी विश्वास जी के पावन आशीर्वाद से संपन्न हुआ, जिसमें देशभर से आए लगभग 200 साधकों और साध्वियों ने सामूहिक रूप से ध्यान साधना की।
इस विशेष मैडिटेशन रिट्रीट का संचालन विश्वास मैडिटेशन (Vishwas Foundation) सेंटर पाली के इंचार्ज ऋषि हरीश व्यास, साध्वी गीता व्यास, ऋषि श्रेयांश व्यास एवं साध्वी सुरभि व्यास द्वारा किया गया।
तीन दिन, पाँच ध्यान बैठकें और पूर्ण मौन साधना


रिट्रीट में गुरुदेव श्री स्वामी विश्वास जी (Vishwas Foundation) के रिकॉर्डेड गाइडेड मेडिटेशन और सत्संग चलाए गए, जिससे वातावरण पूर्णतः आध्यात्मिक और ऊर्जावान बना रहा।
भजनों से हुई शुरुआत, साधना में डूबे साधक
कार्यक्रम की शुरुआत साधक एवं साध्वियों द्वारा प्रस्तुत मधुर भजनों से हुई। इसके पश्चात गुरुदेव श्री जी का गाइडेड रिकॉर्डेड भजन—
“जागो रे सोने वालों, कोई तुम्हें जगाने आया
मैडिटेशन का मौसम, तुमको मालिक बनाने आया”
चलाया गया, जिसने साधकों को गहन ध्यान अवस्था में प्रवेश कराया।
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ध्यान से मानसिक रोगों और तनाव से मुक्ति : गुरुदेव
गुरुदेव श्री स्वामी विश्वास जी ने अपने संदेश में कहा कि— “जो व्यक्ति सुबह-शाम कुछ समय एकांत में बैठकर ध्यान और साधना करता है, वह मानसिक रोगों के साथ-साथ कई शारीरिक बीमारियों से भी बचा रह सकता है।” उन्होंने बताया कि दुनियावी विचारों से अलग होकर साधना में बैठना, तीसरे नेत्र को जागृत कर भीतर बैठे परमात्मा से सीधा जुड़ाव स्थापित करना है, जिससे जीवन की हर खुशी प्राप्त होती है।


भागदौड़ भरी जिंदगी में ध्यान की आवश्यकता
गुरुदेव श्री जी ने कहा कि आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी और बढ़ते मानसिक तनाव के बीच अंतर्राष्ट्रीय ध्यान दिवस हमें रुककर अपने भीतर झांकने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने ध्यान के लाभ गिनाते हुए कहा—
- मैडिटेशन से मानसिक तनाव और चिंता कम होती है
- एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ती है
- रक्तचाप नियंत्रित रहता है और नींद बेहतर होती है
- व्यक्ति धैर्यवान और सकारात्मक सोच वाला बनता है
- मन को गहन शांति और स्थिरता प्राप्त होती है
ओम गुरुवे नमः से हुआ समापन
कार्यक्रम का समापन भजन—
“ध्यान जागे, मौन जागे, गायन जागे
हृदय की गहराइयों से प्रेम जागे रे”
से हुआ। अंत में गुरुदेव श्री जी ने “ॐ गुरुवे नमः” महामंत्र का उच्चारण कर ध्यान बैठक को पूर्ण किया।







