पंजाब में महिलाओं के लिए बड़ी सौगात: ‘मांवां-धीयां सतिकार योजना’ से हर महीने मिलेगी आर्थिक सहायता

आदमपुर (जालंधर), 14 अप्रैल 2026 : पंजाब सरकार ने महिलाओं की आर्थिक मजबूती की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल करते हुए राज्यभर में नई वित्तीय सहायता योजना की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर इस महत्वाकांक्षी योजना का शुभारंभ किया, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के तहत 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र महिलाओं को हर महीने 1000 से 1500 रुपये तक की सीधी आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार का दावा है कि यह योजना राज्य की लगभग 97% महिलाओं को कवर करेगी।
योजना की मुख्य बातें
- हर पात्र महिला को ₹1000 मासिक सहायता
- अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹1500 मासिक लाभ
- केवल 3 जरूरी दस्तावेज: आधार कार्ड, वोटर आईडी और बैंक पासबुक
- 26,000 से अधिक पंजीकरण केंद्र पूरे राज्य में स्थापित
- जुलाई 2026 से भुगतान शुरू
- कोई अंतिम तारीख नहीं, कभी भी रजिस्ट्रेशन संभव
पहले चरण में 9 हलकों से शुरुआत
यह योजना फिलहाल 9 विधानसभा क्षेत्रों—आदमपुर, मलोट, श्री आनंदपुर साहिब, दिड़बा, सुनाम, मोगा, कोटकपूरा, बटाला और पटियाला देहाती—में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई है। 15 मई 2026 से इसे राज्य के बाकी 108 हलकों में लागू किया जाएगा।

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया आसान
सरकार ने महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रक्रिया को बेहद सरल रखा है। ‘महिला सतिकार सखियों’ की नियुक्ति की गई है, जो घर-घर जाकर महिलाओं को जानकारी देने, फॉर्म भरवाने और दस्तावेज तैयार करवाने में मदद करेंगी। अगर किसी महिला के पास जरूरी दस्तावेज नहीं हैं, तो भी वे पंजीकरण कर सकती हैं और बाद में दस्तावेज पूरे कर सकती हैं।
पंजाब में लंबे समय से महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को लेकर चर्चा होती रही है। हालांकि राज्य ने सामाजिक विकास में प्रगति की है, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के पास व्यक्तिगत वित्तीय सुरक्षा की कमी देखी गई। इसी अंतर को भरने के लिए यह योजना लाई गई है, जो सीधे बैंक खातों में पैसे भेजकर महिलाओं को सशक्त बनाने का प्रयास करती है।
बजट और सरकार की प्रतिबद्धता
सरकार ने इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 9300 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। यह पंजाब की अब तक की सबसे बड़ी महिला-केंद्रित योजनाओं में से एक मानी जा रही है।
लाभार्थियों की प्रतिक्रिया
कार्यक्रम के दौरान कुछ महिलाओं को रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र भी दिए गए। लाभार्थियों ने इसे अपनी आर्थिक आजादी की दिशा में बड़ा कदम बताया और सरकार का आभार जताया।







