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नारी शक्ति प्रस्ताव पर सियासी घमासान: सैनी का कांग्रेस पर तीखा हमला, वॉकआउट को बताया ‘दोहरा रवैया’

विधानसभा में महिलाओं के अधिकारों पर प्रस्ताव पारित, विपक्ष के बहिर्गमन पर सरकार का निशाना

चंडीगढ़ : हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में महिलाओं के अधिकारों को लेकर पेश किए गए प्रस्ताव ने सियासी माहौल गरमा दिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में प्रस्ताव पेश किया, जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। हालांकि, इस दौरान विपक्ष के वॉकआउट को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी समाज का समग्र विकास तब तक संभव नहीं है, जब तक महिलाओं को बराबरी का दर्जा और अवसर नहीं मिलते। उन्होंने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें महिलाओं की भागीदारी केंद्रीय भूमिका निभाती है।

महिला सशक्तिकरण पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के उत्थान के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं। वर्ष 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को उन्होंने ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस कानून को निर्धारित समय से पहले लागू करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि महिलाओं को जल्द से जल्द राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिल सके।

हरियाणा की महिलाओं का योगदान

मुख्यमंत्री ने हरियाणा की उन प्रेरणादायक महिलाओं का भी उल्लेख किया, जिन्होंने देश और दुनिया में पहचान बनाई। कल्पना चावला सहित कई हस्तियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियों ने हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित की है। उन्होंने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान का हवाला देते हुए बताया कि राज्य में लिंगानुपात में सुधार हुआ है और सामाजिक सोच में सकारात्मक बदलाव आया है।

कांग्रेस पर सीधा आरोप

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर कांग्रेस का रवैया विरोधाभासी है। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन के बाहर महिलाओं की बात करने वाली पार्टी ने चर्चा के समय वॉकआउट कर अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट कर दीं। उनका कहना था कि यह मुद्दा राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का है और ऐसे में विपक्ष का सदन छोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है।

हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र हंगामे के बीच संपन्न, कर्मचारियों को बड़ी राहत

 

 

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को देश में महिला राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से लाया गया था। लंबे समय से महिला आरक्षण की मांग चल रही थी, जिसे 2023 में कानूनी रूप दिया गया। हरियाणा विधानसभा में इस प्रस्ताव को समर्थन देकर राज्य सरकार ने इसे राजनीतिक और सामाजिक एजेंडे में प्राथमिकता दी है।

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  • Rashtr Khabar

    A passionate and truth-driven news reporter with a keen eye for detail and a commitment to ethical journalism. I specialize in delivering accurate, timely, and engaging news that informs the public and strengthens trust in media.

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