हरियाणा विधानसभा का विशेष सत्र हंगामे के बीच संपन्न, कर्मचारियों को बड़ी राहत

चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र राजनीतिक शोर-शराबे के बीच संपन्न हुआ, लेकिन इसके बावजूद कई अहम फैसले लिए गए। सत्र की शुरुआत ‘वंदे मातरम्’ से हुई और इसके बाद दिवंगत नेताओं व शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए सदन में मौन रखा गया।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण और इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल सहित सभी सदस्यों ने पूर्व उपाध्यक्ष गोपी चंद गहलोत और पूर्व सांसद जंगबीर सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।
ग्रुप-डी कर्मचारियों को प्रमोशन में राहत
सत्र के दौरान सरकार ने कर्मचारियों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए हरियाणा लिपिकीय सेवा (भर्ती और सेवा की शर्तें) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया। इस विधेयक के तहत ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए प्रमोशन कोटा 20% से बढ़ाकर 30% कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि यह बदलाव कर्मचारियों के लिए पदोन्नति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज बनाएगा। पहले सीमित पदों और विभागीय बंधनों के कारण कर्मचारियों को प्रमोशन के अवसर कम मिलते थे, लेकिन अब अधिक संख्या में कर्मचारी इसका लाभ उठा सकेंगे।
नारी शक्ति वंदन प्रस्ताव पारित
सत्र में महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम से संबंधित प्रस्ताव भी ध्वनिमत से पारित किया गया। इसे राज्य में महिला भागीदारी और अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
हरियाणा सरकार ने 2018 में ग्रुप-डी कर्मचारियों के लिए कॉमन कैडर सिस्टम लागू किया था, जिससे अलग-अलग विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को समान अवसर मिल सके। हालांकि, प्रमोशन की सीमित संभावनाओं के चलते लंबे समय से कर्मचारी संगठन इसमें सुधार की मांग कर रहे थे। यह नया विधेयक उसी मांग का परिणाम माना जा रहा है।






